तपाइर् आफै “आफ्नाे भाग्य निमार्ता हुनुहुन्छ” किन ? : शताब्दी वषर् ब्यक्ति

जब हेनरीले यी अमर पंतिहरु लेखे, “म आफ्नाे भाग्यकाे निमार्ता आफै हुँ । म आफ्नाे आत्माकाे कप्तान हुँ ।” शायद उनले हामीलाइर् हामी आफ्नाे भाग्यकाे निमार्ता आफै हाैं, आफ्नाे आत्माकाे कप्तान पनि हामी आफै हाैं, किनभने हामीमा आफ्नाे विचारलाइर् नियन्त्रण गनर्े शक्ति छ भनेर सुचित गनर् खाेजेकाे हुनुपर्छ ।

उनले हामीलाइर् बताइदिनु पथ्यार्े कि हाम्राे दिमागमा जुन विचार प्रबल हुन्छ, हाम्राे मस्तिष्क त्यतैतिर चुम्बकिय शक्तिवाट आकषिर्त हुन्छ । मानिसले आजसम्म यसकाे कारण थाहा पाउन सकेकाे छैन, कि यो चुम्बकिय शक्तिले मानिस र जीवनकाे परिस्थितिलाइर् किन आकषिर्त गदर्छ, जुन हाम्राे प्रबल विचार संग संवद्ध हुन्छ ।

लेखक : नेपाेलियन हिल निदर्ेशक : मिलन आफन्त

थ्यग बचभ ूत्जभ mबकतभच या थयगच ाबतभ, तजभ अबउतबष्ल या थयगच कयग।िू द्यभअबगकभ‘स् ऋभलतगचथ थ्भबच एभचकयल

ध्जभल ज्भलभिथ धचयतभ तजभ उचयउजभतष्अ ष्लिभक, ूक्ष् mब तजभ mबकतभच या mथ ाबतभ। क्ष् mब तजभ ऋबउतबष्ल या mथ कयग।िू ज्भ कजयगमि जबखभ mष्लायचभम गक तजबत धभ बचभ तजभ :बकतभचक या यगच ाबतभ, तजभ अबउतबष्लक या यगच कयगकि, दभअबगकभ धभ जबखभ तजभ उयधभच या अयलतचयि यगच तजयगनजतक।

ज्भ कजयगमि जबखभ तयमि गक तजबत तजभ भतजभच ष्ल धजष्अज तजष्क ष्तितभि भबचतज ायिबतक, ष्ल धजष्अज धभ mयखभ बलम जबखभ यगच दभष्लन, ष्क ब mायच या भलभचनथ mयखष्लन बत बल ष्लअयलअभष्खबदथि जष्नज चबतभ या खष्दचबतष्यल बलम तजबत तजभ भतजभच ष्क ाष्ििभम धष्तज ब mायच या गलष्खभचकबि उयधभच धजष्अज ब्म्ब्एत्क् ष्तकभाि तय तजभ लबतगचबि या तजभ तजयगनजतक धभ जयमि ष्ल यगच mष्लमकस बलम क्ष्ल्ीँग्भ्ल्ऋभ्क् गक, ष्ल लबतगचबि धबथक, तय तचबलकmगतभ यगच तजयगनजतक ष्लतय तजभष्च उजथकष्अबि भत्रगष्खबभिलत।

ध्चष्तभचस् ल्बउयभियल जष्िि म्ष्चभअतयचस् :ष्बिल बबलतब

डेल कानर्ेगीकाे महान् प्रेरणादायि चिन्तन : मिलन आफन्त

तपाइर् संग के छ ? तपाइर् काे हाे, तपाइर् कहाँ हुनुहुन्छ र तपाइर् के गदर्ै हुनुहुन्छ जस्ता कुराले सुख र दुःखकाे निरोपण गदर्नै । तपाइर् के काे वारेमा चिन्तन गनर्ु हुन्छ भन्ने कुराले तपाइर्काे वास्तविक सुख दुःखकाे निधार्रण गदर्छ । मानाैं कुनै दुइर् ब्यक्ति एकै ठाउँमा एकै प्रकारका काम गिररहेका छन् र दुवै संग उत्तिकै सम्पत्ति पनि छ । दुवै संग उत्तिकै धन र सम्मान हुँदाहुँदै पनि एकजना दुःखी र अकार्े सुखी हुन सक्छ । किन ? फरक प्रकारकाे मानसिक भावनाकाे कारणले यसाे भएकाे हाे । मैले प्रचण्ड गमीर्मा आफ्ना आदिम अवस्थाहरुसंग जुधिरहेका गिरब किसानहरुकाे भीड र न्युयाेर्क, सिकागाे आदि स्थानमा आलिशान कायार्लयमा काम गनर्े ब्यक्तिहरु दुबैका अनुहारमा आ–आफ्ना स्थानमा रहँदा उत्तिकै प्रसन्नता देखेकाे छु…..धन्यवाद ! (सुबि प्रकाशन)

म्बभि ऋबचलभनष्भुक नचभबत mयतष्खबतष्यलबि तजयगनजतस् :ष्बिल ब्ाबलतब

क्ष्त ष्कलुत धजबत थयग जबखभ यच धजय थयग बचभ यच धजभचभ थयग बचभ यच धजबत थयग बचभ मयष्लन तजबत mबपभक थयग जबउउथ यच गलजबउउथ। क्ष्त ष्क धजबत थयग तजष्लप बदयगत ष्त। ँयच झहबउभि, तधय उभयउभि mबथ दभ तजभ कmबभ उबिअभ, मयष्लन तजभ mकबभ तजष्लनस् दयतज mबथ जबखभ बदयगत बल भत्रगबि mबयगलत या mयलभथ बलम उचभकतष्नभ बलम थभत यलभ mबथ दभ mष्कभचबदभि बलम तजभ यतजभच जबउउथ। ध्जथरु द्यभअबगकभ या ब मषाभचभलत mभलतबि बततष्तगमभ। क्ष् जबखभ कभभल वगकत बक mबलथ जबउउथ ाबअभक mबयलन तजभ उययच उभबकबलतक ायष्ष्लिन धष्तज तजभष्च ऊचष्ष्तष्खभ तययकि ष्ल तजभ मभखबकतबतष्लन जभबत या तजभ तचयउष्अक बक क्ष् जबखभ कभभल ष्ल बष्च(अयलमष्तष्यलभम यााष्अभक ष्ल ल्भध थ्यचप, ऋजष्अबनय यच ीयक ब्लनभभिक,‘त्जबलप थ्यग१

भ्लनष्किज ब्चतष्अभि ूीयखभ ष्क षिभू mँचय ध्यचमि ीयखभच प्ष्लन :ष्बिल बबलतब

ूीयखभ ष्क षिभू ष्क ब उचयायगलम कतबतझभलत तजबत भलअबउकगबितभक तजभ भककभलअभ या mजगबल भहष्कतभलअभ। त्य mभ, ष्त mभबलक तजबत यिखभ, ष्ल बिि ष्तक mायचक, ष्क तजभ मचष्खष्लन ायचअभ दभजष्लम यगच नचभबतभकत वयथक, यगच मभभउभकत अयललभअतष्यलक बलम यगच कभलकभ या उगचउयकभ।

ूीयखभ ष्क षिभू mभबलकस्

त्जभ ीयखभ या भ्हष्कतभलअभस् ीयखभ ष्क तजभ भलभचनथ तजबत कगकतबष्लक चभबितष्यलकजष्उक बलम mयतष्खबतभक गक तय नचयध धष्तजयगत ियखभ, षिभ ाभभकि जयिियध ७ मष्चभअतष्यलभिकक। क्ष्तुक तजयगनज यिखभ तजबत धभ ाष्लम mभबलष्लन।

ग्लष्खभचकबि ऋयललभअतष्यलस् ीयखभ अयललभअतष्यलस् ीयखभ तचबलकअभलमक ष्लमष्खष्मगबि भहउभचष्भलअभक, अयललभअतष्लन उभयउभि बअचयकक अगतिगचभक, दभष्भिाक बलम अmष्चअगकतबलअभक। क्ष्त गलष्तभक mजगबलष्तथ बलम चझष्लमक गक या यगच कजबचभम वयगचलभथ।

त्जभ एबतज या ँगािष्िmभलतस् ध्जभतजभच तजचयगनज कभाि(यिखभ, mचयबलतष्अ चभबितष्यलकजष्उक यच mअयmगलष्तथ दयलमक। ीयखभ भलचष्अजभक षिभ दथ उचयखष्मष्लन ब कभलकभ या दभयिलनष्लन बलम उगचउयकभ।

ज्भबष्लिन बलम झ्उयधझचभलतस् ीयखभ जबक तजभ उयधभच तय जभबि धयगलमक, ायच नष्खभ mष्कतबपभक बलम ष्लकउष्चभ अजबलनभ। क्ष्त नष्खभक कतचभलनतज तय यखझचअयभ बमखभचकष्तष्भक बलम ायकतभचक चभकष्ष्भिलअभ।

ब्ल भ्तभचलबि ँयचअभस् ीयखभ ष्कलुत अयलाष्लभम तय mतष्भ यच कउबअभ। क्ष्त ष्खिभक यल ष्ल mझयचष्भक, भिनबअष्भक बलम बअतक या पष्लमलभकक तजबत चष्उउभि तजचयगनज तजभ ध्यचमि, भखभल बातभच धभुचभ नयलभ।

९ध्चष्ततभल दथस् म्च। च्बतलभकजधबच एचबकबम क्ष्लजब०

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